खुशियों का गणित

मेरी डायरी में आपको सब कुछ मिलेगा.....
किस्से/कहानी, गम/खुशी, सच/झूट, जिंदगी/मौत............कई सवाल और कई नुस्खे भी.....
आज आपको देती हूँ खुश होने  का एक नुस्खा.....
कोई बात नहीं  अगर आप  पहले ही खुश है.......हो सकता है आपका पढ़ना  मेरी खुशी के लिए ज़रूरी हो....
वैसे खुश होना कौन सा मुश्किल काम है.......मैं एक फूल खिला देख खुश हो जाती हूँ.....आप शायद केलेंडर में लाल रंग से SUNDAY  लिखा देख ही झूम जाते हों!!!!!
एक सुबह कुछ यूँ करिये कि कुछ देर सूरज को निहारिए.......चिड़ियों को शोर मचाते सुनिए..........देखिये कहीं हरसिंगार ना बिखरा पड़ा हो......समेट लीजिए कुछ..........
मंदिर से आती घंटियों की आवाज़ का पीछा करिये........चाहे तो प्रभु से कुछ शिकायतें भी कर लीजिए.........मन हल्का हो जाएगा...
किसी पुस्तक की दुकान में घंटो पुस्तकें टटोलिए....एक-आध खरीद भी लें.........दुकानदार को भी खुश होने दीजिए ना.......एक फोन कॉल आपको बहुत खुशी दे सकता है.........मिलाएं  किसी पुराने दोस्त का नंबर.......या मां के हालचाल ही पूछ लें........क्यूँकि  मां खुश तो आप खुश.........
शाम किसी तालाब/पोखर/समंदर/नदिया के किनारे गुजारिये...........ढलते सूरज की याद साथ रख लें........वो आने वाले कल के उजले  सवेरे का आश्वासन देगा......
अब आपके पास जो समीकरण है वो यूँ है-
खुशी X 10 = यानि दस गुना  खुशी

अरे आजमाइए तो सही.........और साथ कोई प्यारा हो तो क्या बात !!!!
समीकरण बदल जायेंगे...बेहतर हो जायेंगे   :-)


-अनु







Comments

  1. खुश रहने के अचूक नुस्ख़े ...
    सभी आजमाने लायक!

    ReplyDelete
  2. ये तो सच में अचूक नुस्खे हैं। आजमाता हूं।

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर प्रेरक और सार्थक।

    ReplyDelete
  4. काम के नुस्खे !
    अमल मुश्किल!
    हमारा गणित कमज़ोर :-)))
    फिर भी बहुतों के काम आयेंगे!
    आभार!

    ReplyDelete
  5. खुश रहने के अचूक नुस्खे....
    शुक्रिया...!!

    ReplyDelete
  6. सच है ..खुशियाँ बाटने से ही बढती हैं ..
    kalamdaan.blogspot.in

    ReplyDelete
  7. मन चंगा तो कठौती में गंगा ! खुश रहने का बहुत अच्छा नुस्खा सिखाया है आपने ! मेरी खुशी तो निश्चित रूप से कई गुणा बढ़ गयी है ! आभार आपका !

    ReplyDelete
  8. सभी आजमाने लायक

    ReplyDelete
  9. .वो आने वाले कल के उजले सवेरे का आश्वासन देगा.खुश रहने का बहुत अच्छा नुस्खा,...

    RESENT POST...काव्यान्जलि ...: तब मधुशाला हम जाते है,...

    ReplyDelete
  10. हम तो आपको खुश देख खुश हुए .....:))

    ReplyDelete
    Replies
    1. और हम खुश हुए की आपकी ख़ुशी देखकर हरकीरत जी खुश हुई . बाटते चलो.

      Delete
  11. subah subah aapke naye blog par aana sarthak ho gaya aakhir khushi hasil karne ke achuk nuskhe jo mil gaye.....shayad aaj ka din wakai bahut accha jayega...aapka bahut bahut aabhaar....iske alawa ek aur cheez hai jo hume sirf khushi hi nahi blki man ki shanti bhi deti hai, kabhi kisi ki taraf madad ka haath badha kar dekhiye ya bina kisi karan kisi ki help kijiye,kisi bujurg ko sadak paar karne me help kijiye ya apne liye liya hua burger kisi garib chhoti bacchi ko dijiye ....man khush ho jayega

    ReplyDelete
  12. bahut hi sundar ....mujhe hamesa se ganit se pyaar raha hai ... aur aaj ganit ka ye rup aur bhi pyara laga ....

    ReplyDelete
  13. मौलिक चिंतन,सुन्दर प्रयास।
    अच्छी अनुभूति।
    धन्यवाद।
    आनन्द विश्वास

    ReplyDelete
  14. मोहतरमा भावाभिव्यंजन (एक्सप्रेशन )हम तो खरबूजा मीठा निकल आये तो उससे ही बहुत खुश हो लेतें हैं .एक घंटा अच्छा बीत जाए तो वक्त का शुक्रिया करतें हैं .खुश हो लेतें हैं .हमारी यही दौलत है ख़ुशी के मौके तलाशना खुश हो लेना

    ReplyDelete
  15. ...इस तरह खुश होने के एक सौ एक नुस्खे वाली किताब लिख डालें,हम भी खुश हो जायेंगे !

    ReplyDelete
  16. वाह ...बहुत खूब ।

    ReplyDelete
  17. अचूक नुस्ख़े....खुश रहने के

    ReplyDelete
  18. सुन्दर नुस्खे..

    ReplyDelete
  19. सुन्दर नुस्ख़े..

    ReplyDelete
  20. हम तो नुस्खे पढ़ कर ही खुश हो गए ....

    वैसे जब मैं कॉलेज में थी और अपने सीनियर के औटोग्राफ लेने का शौक़ था तो एक ने मुझे यह लिख कर दिया था ---

    प्रसन्नता तो चन्दन है , इसे दूसरे के माथे पर लगाओ , तुंहरी उँगलियाँ स्वयं महक उठेंगी ....

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया संगीता दी...

      Delete
  21. hum to aapki kalam aur blog dekh kar bhi bahut khush hue bahut achcha sandesh chhipa hai aapki baaton me khushiyan baatiye.

    ReplyDelete
  22. अनु जी... ख़ुशी के बेहतरीन नुस्खे... बिलकुल आजमायेंगे... हम भी खुश होंगे और सामने वाले को भी खुश रखेंगे...

    ReplyDelete
  23. बहुत सुन्दर विचार खुशियाँ जगाने की...!

    ReplyDelete
  24. सच में ये छोटी - छोटी चीज़ें हमें कितनी महत्वपूर्ण चीज़ दे सकती हैं - हमारी खुशी, यही तो हम सब खोज रहे हैं न!

    ReplyDelete
  25. bahut sukhad hai yah khushi ka ganit... meri bitiya bhi hai khushi jab kabhi bahut pareshan karti hai to sochti hun kaun se muhurt mein maine iska naam khushi rakh diya hai.. filhal aapke nuske bahut kaam ke hain ..dhanyavad!

    ReplyDelete
    Replies
    1. नाम को सार्थक करे बिटिया रानी....खुद खुश रहे और बाँटें खुशियाँ भी ....
      :-)

      Delete
  26. हमेशा खुश रहने का संदेश देती आज की पोस्ट बहुत ही प्यारी है।

    सादर

    ReplyDelete
  27. कल 15/03/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
    Replies
    1. शुक्रिया यशवंत...
      समझो तुम्हारे लिए लिखी...
      :-)
      खुश रहो.

      Delete
  28. खुशी हमारे भीतर है और आपके बताए सारे नुस्खे बाहरी दुनिया के। कुछ भी काम न आएगा।

    ReplyDelete
  29. चार वेद अष्ट पुराण में बात लिखीं हैं दोय...
    दुःख दीन्हे दुःख होत है, सुख दीन्हे सुख होय...

    ख़ुशी का सिंपल फार्मूला...

    ReplyDelete
  30. आपका नुस्खा सर आँखों पर!

    ReplyDelete
  31. बहुत खूब ... अपने अंदर की खुशी को ढूँढना और फिर उसमें डूब जाना .. एर भी तो खुश रहना ही है ... गज़ब के नुस्खे हैं आपके ...

    ReplyDelete
  32. शाम किसी तालाब/पोखर/समंदर/नदिया के किनारे गुजारिये...........ढलते सूरज की याद साथ रख लें........वो आने वाले कल के उजले सवेरे का आश्वासन देगा......

    super like..... :)

    be happy and keep smiling always... my wishes

    ReplyDelete
  33. Jab aap bina karan, yu hi muskura pade , toh samajhiyega, kahi kisi ne aap ki acchai ko saraha hai ! :)

    ReplyDelete
  34. नुस्खे लाजवाब। सभी उपयोग हेतु।
    धन्यवाद
    प्रतीक संचेती

    ReplyDelete
  35. अपना अनुभव बताता हूँ -
    कोटा में जिस घर में मैं किराए पर रहता था , वहाँ मैंने कभी अपनी अलार्म घड़ी का प्रयोग नहीं किया| सुबह सुबह मकान मालिक - मालकिन - और छोटे मालिक (उनके बच्चे) सब आपस में इस तरह से लड़ते थे कि आँख अपने आप खुल जाती थी , और ये उनका रोज का नियम था , फिर दिन भर घर में शान्ति और सुख नहीं आ पाता था | :)
    वहीँ मेरे पिता जी मुझे बचपन से सिखाते थे कि सुबह उठ कर आईने के सामने जोर से हँसो (भले ही जबरदस्ती) , दिन अच्छा जायेगा |

    सादर
    -आकाश

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

प्रेमपत्र

मेरी लिखी कहानी "स्नेहा" - 92.7 big fm पर नीलेश मिश्रा की जादुई आवाज़ में................

दैनिक जागरण के राष्ट्रीय संस्करण में मेरी किताब "इश्क तुम्हें हो जाएगा " की समीक्षा...............