इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Wednesday, March 7, 2012

मस्ती का आलम


जाने कितनी खट्टी-मीठी यादें जुड़ी होती हैं हर त्यौहार से........कुछ भूल बिसरा याद भी आता है,.............आपके लिए आज बस ये कविता...............मेरी डायरी बंद है................आप भी अपनों के साथ खुशियाँ बाँटें........और जो साथ नहीं हैं उन्हें याद करें.......
चलिए त्यौहार मनायें ......रंग उडायें..........  मस्त मलंग बन जाएँ..... 


मीठी चली बयार
बिखरे रंग हज़ार
          फागुन आया रे.........


फैला अबीर गुलाल 
छलका आँखों से प्यार
           फागुन आया रे........


महका सारा आलम है
बहका है संसार
          फागुन आया रे........


यारों में अब खूब बनी
भूले हर तकरार
          फागुन आया रे.........


अपनों की फिर याद आई
जो रहते  सागर पार
          फागुन आया रे........


आँखें नम हो जाती हैं 
क्यूँ छोड़ा घर- बार 
           फागुन आया रे.........


-अनु 



19 comments:

  1. अपनों की फिर याद आई
    जो रहते सागर पार
    फागुन आया रे........
    बहुत सुंदर प्रस्तुति,....
    अनु जी,..सपरिवार होली की बहुत२ बधाई शुभकामनाए...

    RECENT POST...काव्यान्जलि ...रंग रंगीली होली आई,

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  2. फैला अबीर गुलाल
    छलका आँखों से प्यार
    फागुन आया रे........


    होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  3. बहुत सुंदर प्रस्तुति,....
    अनु जी,सपरिवार होली की बहुत२ बधाई शुभकामनाए...

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  4. बहुत ही बढ़िया
    आपको महिला दिवस और होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

    सादर

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  5. कल 09/03/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    Replies
    1. शुक्रिया यशवंत....खुद को हलचल में पाकर खुशी हुई..
      :-)

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  6. रंगों भरी होली की हार्दिक शुभकामनाएं..

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  7. त्यौहार पर घरों से दूरी वाकई कष्टप्रद होती है...होली और फागुन में तो ये कसक और बढ़ जाती है...सुन्दर अभिव्यक्ति...

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..होली की शुभकामनायें..मेरे ब्लॉग filmihai.blogspot.com पर स्वागत है...

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  9. बहुत सुंदर प्यार भरी रचना...

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  10. फागुन आया रे.........सब गिले शिकवे दूर कर....फिर से एक हो जाने का त्यौहार ....आप के लिए बहुत शुभ हो !

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  11. फागुन आया रे.........सब गिले शिकवे दूर कर....फिर से एक हो जाने का त्यौहार ....आप के लिए बहुत शुभ हो !

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  12. सहज ... मन की भावनाओं को व्यक्त करती अच्छी रचना ॥

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  13. सुन्दर अभिव्यक्ति...
    होली की बधाईयां...

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  14. .

    बहुत भावपूर्ण गीत है …
    इस सरस-सुंदर रचना के लिए आभार …


    साथ ही
    स्वीकार करें मंगलकामनाएं आगामी होली तक के लिए …
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    ♥होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार !♥
    ♥मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !!♥


    आपको सपरिवार
    होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
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  15. बहुत सुन्दर प्यारी रचना...

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  16. चिट्ठी आई है , के जैसी रचना , सुन्दर

    सादर
    -आकाश

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