ख्वाब नहीं ख्वाहिश है......

क्यूँ आसमां में
एक ही चाँद ?
होते कई काश...
एक तेरा,
एक मेरा.....
जितने तारे,
उतने चाँद !!
टिमटिमाते तारे,
मुस्काते चाँद.
कभी कोई चाँद पूरा
कोई अधूरा...
तीजा चौथ का
चौथा ईद का...
कोई चाँद तुम सा,
कोई तुम कहो
मुझ सा....
तकते रहें हम
रात भर,
खोजें चाँद 
अपना अपना.
कभी  धरती पर उतरे
कोई चाँद
एक तुम मेरे बालों में खोंसो...
एक मैं छुपा लूँ मुट्ठी में..
गर बिखरे होते चाँद
यहाँ वहाँ ...
जब चलते हम-तुम
संग संग
तब पीछे चलता
तारों का नहीं,
चाँद का कारवां.....
काश....
आसमां में होते 
ढेरों चाँद...
एक  तेरा 
एक मेरा
ये ख्वाब नहीं...
ख्वाहिश है मेरी.


-अनु

Comments

  1. चाँद आहें भरेगा ,फूल दिल थाम लेंगें ,चाँद के ही सहारे ,चाँद का नाम लेंगे ,.....चाँद रात सा चेहरा तेरा ....चांदनी सा बदन तेरा .....चांदनी रात में चाँद के संग चाँद अभिसार करेंगे ...
    बहुत सुन्दर सावन काव्यात्मक प्रस्तुति चाँद का श्लेष बुनती चाँद को नये अर्थ और संदर्भ देती हुई ...

    ReplyDelete
  2. अनु जी
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

    ReplyDelete
  3. ढेर सारे चाँद होते,
    मिलते कभी,हर बार खोते,
    ...तब चाँद की यूँ ख्वाहिश न होती,
    हम पड़े बीमार होते !

    ...वैसे आपके इकलौते चाँद के लिए शुभकामनाएँ !

    ReplyDelete
  4. सुन्दर ख्वाहिश..सुंदर प्रस्तुति..

    ReplyDelete
  5. komal ..sundar khwaaish ...
    sundar rachna .

    ReplyDelete
  6. खूबसूरत ख्‍वाहिश ... अनुपम प्रस्‍तुति।

    ReplyDelete
  7. बहुत सुंदर
    क्या कहने

    गली में आज चांद निकला....

    ReplyDelete
  8. कोई चाँद
    एक तुम मेरे बालों में खोंसो...
    एक मैं छुपा लूँ मुट्ठी में..बहुत खूबसूरत ख्याल

    ReplyDelete
  9. हजारो ख्वाहिश ऐसी की हर ख्वाहिश पर दम निकले , ये तो मजेदार सी ख्वाहिश है जी

    ReplyDelete
  10. काश...ऐसा हो जाता... खूबसूरत ख्वाहिश...एक मेरी भी ख्वाहिश है मुझे अपने कमरे की खिड़की से चाँद को घर बुलाना है...

    ReplyDelete
  11. बहुत ही प्यारी है ख्वाहिश ..............

    ReplyDelete
  12. हर दिल चाँद है,
    बस वो किसी पे आ जाए !
    हर दिल चाँद है,
    बस वो किसी को भा जाए !

    ReplyDelete
  13. बड़ी अच्छी ख्वाहिश है..इतने चाँद हो जाएँ आसमां में तो क्या बात हो जाए :) :)
    बहुत प्यारी सी कविता!!!

    ReplyDelete
  14. एक तुम मेरे बालों में खोंसो...
    एक मैं छुपा लूँ मुट्ठी में..
    गर बिखरे होते चाँद
    यहाँ वहाँ ...


    मन को छू लेने वाली रचना....

    ReplyDelete
  15. ख्वाइश तो लाजबाब है ही जी ! पर शब्दों ने भी गज़ब ढाया है .

    ReplyDelete
  16. आसमां में होते
    ढेरों चाँद...
    एक तेरा
    एक मेरा---

    फिर तो चाँद के नाम पर भी लड़ाई होती . :)
    शुक्र है एक ही है --सबका .

    ReplyDelete
  17. वाह यह एकदम नयी कल्पना हैं ..मुझे बड़ी भली लगी ...काश एक एक चाँद सबके पास होता ..अपना अपना चाँद ..पूनम का चाँद

    ReplyDelete
  18. खूबसूरत प्रस्तुति ।

    सादर बधाई ।।

    ReplyDelete
  19. Hi frnd,

    The life time opportunity indeed. All of these posts are worthy having some standards.
    Great job!
    More jobs available at Indian Job Vacancies at http://www.indianjobsguide.com

    Friends, daily u use to LIKE hundreds of posts from Facebook, which will never be useful to you.I am working for you all in providing indian jobs, Bank jobs and Government jobs information on facebook. In this regard, we need your support to our facebook page https://www.facebook.com/indianjobsguide

    Please access and click on LIKE button. This small like will give you instant updates of indian jobs, Bank jobs and Government jobs information and also help us in growing more and more..

    I liked ur blog and I hope you will do same for my blog www.facebook.com/indianjobsguide.

    Thank q

    ReplyDelete
  20. आसमां में होते
    ढेरों चाँद...
    एक तेरा
    एक मेरा
    ये ख्वाब नहीं...
    ख्वाहिश है मेरी.

    behtatreen!

    ReplyDelete
  21. खूबसूरत...खूबसूरत...खूबसूरत :)

    ReplyDelete
  22. एक तुम मेरे बालों में खोंसो...
    एक मैं छुपा लूँ मुट्ठी में..
    गर बिखरे होते चाँद
    यहाँ वहाँ ...
    ....खूबसूरत प्रस्तुति.
    ................

    हम तो हर मोड़ पर उनका हाथ थाम चले
    आओ सितारों को बुलाये और चाँद से बात करे

    हंसी लबो से नहीं दिल से आती है ,
    आँखे रोती नहीं मुस्कराती है.

    ReplyDelete
  23. बहुत ही खूबसूरत ख्वाइश ...ख़ासकर जब चाँद एक फूल की शक्ल में खोंस दो तुम मेरे बालों में ...बहुत ही दिलकश ख्याल .....यह आपही का अंदाज़ हो सकता है ...!!!!!!

    ReplyDelete
  24. सुंदर रचना
    बधाई स्वीकारे

    ReplyDelete
  25. वाह अनु जी...बहुत सुंदर !!
    फिर तो ये बातें होतीं...तेरा चाँद सुंदर या मेराः)
    सस्नेह

    ReplyDelete
  26. Wah Anuji, sundar vichar aur uttam prastuti... padhkar chehre pe muskaan chaa gayi. Dhanyavaad sweekare :)

    ReplyDelete
  27. अब तो मुझे भी चांद को पाने कि लालच लग रही है..
    मुझे भी एक चांद मिल जाये...
    बहूत सुंदर मनभावन रचना...
    :-)

    ReplyDelete
  28. सूरज को पागल बनाने की साजिश है यह तो।:)

    ReplyDelete
  29. एक चाँद मेरे लिए भी :)
    सुंदर सी कल्पना , सच हो जाए आपकी ख्वाहिश .....
    आमीन ... !!

    ReplyDelete
  30. चाँद खोजते नभ में सदा, हो जायेगी भोर
    मिल गया भूल बस,पता लगा दूसरा और,,,,,,

    RECENT POST...: राजनीति,तेरे रूप अनेक,...

    ReplyDelete
  31. bahu sundar... aapki rachnaen muje vivash kar rahi hai ke main aapko jaanun... kya aap muje apne baare main btakar, kritagya karengi...

    Regards
    Arpna

    ReplyDelete
  32. Hi... bahut sundar... aapki rachnaen, mujhe majbur kar rahin hain ki main aapke baare main jaanu... kya aap muje apne baare main btakar kritagya karengi....


    Regards
    arpna

    ReplyDelete
    Replies
    1. हर रचना है मेरे दिल की किताब का एक पन्ना .... धीरे धीरे सारी किताब पढ़ लेंगे...तब जान भी जायेंगे मुझे....कभी चाहेगे...कभी नकारेंगे... यही तो जिंदगी है...!!!join my blog :-)

      Delete
  33. चाँद तो ख्वाब है...ख्वाब ही रहेगा...

    पर दिलकश तो वो ख्वाहिश है

    जो आपके शब्दों में पिघल रहा है...

    अभी तो एक ही चाँद आमादा है

    तहस नहस करने को...

    गर चाँद के कारवां...

    जमीं पर उतर आये तो

    ....सोच लीजिये.......

    अंजाम मुहब्बत का... अंजाम क़यामत का....

    ReplyDelete
  34. आसमां में होते
    ढेरों चाँद...
    एक तेरा
    एक मेरा
    ये ख्वाब नहीं...
    ख्वाहिश है मेरी.

    क्या कहने,
    खूबसूरत ख्वाहिश !

    ReplyDelete
  35. क्या ख़ूब लिखा है,अनु,मैं तो हतप्रभ हूँ.
    मेरी ओर से एक चाँद ) सादर भेंट!

    ReplyDelete
  36. ढेरों चाँदों की ख़्वाहिश ने सुंदर बिंब गढ़ लिए हैं. सुंदर कविता.

    ReplyDelete
  37. वाह: बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ मे प्यारी सी ख्वाहिश !

    ReplyDelete
  38. Anuji: Behthareen aur lajawab pharmaish ! Bahut sundar.

    ReplyDelete
  39. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


    इंडिया दर्पण
    पर भी पधारेँ।

    ReplyDelete
  40. आसमाँ में चाँद ही चाँद हैं,बस हम उन्हें करीब से नहीं देखते!

    ReplyDelete
  41. सरल,सहज फिर भी अनोखी रचना....

    ReplyDelete
  42. इक सुन्दर मजेदार फंतासी ....
    आसमां में एक चाँद मगर धरती पर कितने ?
    आसमां का चाँद निष्कलंक नहीं ,घट बढ़ भी है मगर धरती के चांद शाश्वत सौन्दर्य लिए हुए हैं
    मैं तो उनका तलबगार हूँ :-)

    ReplyDelete
  43. बहुत ही बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग

    विचार बोध
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

    ReplyDelete
  44. बेहद सुन्दर रचना. इत्ते सारे चाँद होते तो क्या होता. शायद दिन को रात कहना पड़ता.

    ReplyDelete
  45. बहुत ही सुंदर

    ReplyDelete
  46. बहुत ही बढ़िया ख्वाहिश बिलकुल सूर के कृष्ण की जैसी.

    सुंदर प्रस्तुतीकरण. बधाई.

    ReplyDelete
  47. एक मेरा.....
    कोई चाँद तुम सा,

    बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति

    ReplyDelete
  48. एक तुम मेरे बालों में खोंसो...
    एक मैं छुपा लूँ मुट्ठी में..
    शानदार ख्वाहिश |

    सादर

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

प्रेमपत्र

मेरी लिखी कहानी "स्नेहा" - 92.7 big fm पर नीलेश मिश्रा की जादुई आवाज़ में................

दैनिक जागरण के राष्ट्रीय संस्करण में मेरी किताब "इश्क तुम्हें हो जाएगा " की समीक्षा...............