इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Tuesday, July 10, 2012

यकीन

बड़ा आसान है मेरे लिए यकीं कर लेना....जो कहीं है उस पर और जो नहीं है उस पर भी...मुझे यकीन  है हर एहसास पर जो किसी के दिल में पलता है..यकीन  है मुस्कराहट पर जो होंठों पर खेलती है...यकीन है धडकन पर जो जिंदा रखती है मुझे/तुम्हें......
जीना बड़ा आसान हो जाता है गर मन में विश्वास हो....आस्था हो.

मुझे यकीन है हाथों की लकीरों पर
बरगद तले बैठे बूढ़े फकीरों पर....
         -जो कहते हैं कि सब ठीक होगा एक दिन.

मुझे यकीन है हर अच्छे -बुरे इंसान पर 
जिसे देखा नहीं उस भगवान पर....
         -जो मुझे बनने नहीं देता बुरा कभी.

मुझे यकीन है जगमगाते तारों पर 
जितने हैं आस्मां में,उन सारों पर....
          -कि कोई एक टूटेगा ज़रूर और मुराद पूरी होगी मेरी.

मुझे यकीन है तुम्हारे इरादों पर 
अब तक किये सभी वादों पर....
           -क्यूंकि उम्मीद पर ही तो दुनिया टिकी है.

मुझे यकीन है प्यार पर 
खुदा के बनाए इस संसार पर 
            -क्यूंकि यकीन ही तो हिम्मत और अवसर देता है प्यार के...
 -अनु 

61 comments:

  1. मुझे यकीन है जगमगाते तारों पर
    जितने हैं आस्मां में,उन सारों पर....
    -कि कोई एक टूटेगा ज़रूर और मुराद पूरी होगी मेरी.

    आपकी हर मुराद ज़रूर पूरी होगी ।


    सादर

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    1. शुक्रिया यशवंत :-)

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  2. bilkul sahee baat hai....muraadein poori ho sabki yahee kaamna hai!

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  3. विश्वास और आस्था ही तो हिम्मत और अवसर देता है हर इच्छा और मुराद पूरी करने का ..मेरी भी शुभकामनाएं हैं तुम्हारी हर इच्छा हर मुराद जल्दी से जल्दी पूरी हो...अनु..

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  4. Bohot gehri baat keh di...
    Mujhe bhi yakeen he...

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  5. इस यकी़न पे मुझे भी पूरा यकी़न है ... आभार

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  6. यकीन है और होना भी चाहिए...

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  7. मुझे यकीन है अंधविश्वासों पर
    अपने हाथ की लकीरों पर
    और सबसे ज्यादा खुद पर ....
    जब मृत्यु तय है
    तो मैं , लकीरें .... सब अंधविश्वास हैं

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  8. यह है बुधवार की खबर ।

    उत्कृष्ट प्रस्तुति चर्चा मंच पर ।।



    आइये-

    सादर ।।

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    1. रविकर जी बहुत शुक्रिया , आभार

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  9. यकीन पर यकीन रखना ही बेहतर है .... अच्छी प्रस्तुति

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  10. यह यकीन ही तो जीवन संतुलित तरीके से जीने की प्रेरणा है.बनाये रखिये इसे.
    सुन्दर रचना :)

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  11. जरुर टूटेगा वो मुरादों वाला तारा और सब मुरादें पूरी होंगी क्योंकि आपको यकीन है अपने इरादों पर ... शुभकामनायें

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  12. सुन्दर रचना
    आपका 'यकीन ' यूँ ही बना रहे ..
    'कलमदान ' पे पधारने के लिए धन्यवाद ..

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  13. आपका 'यकीन' यूँ ही बना रहे ....
    सुंदर रचना !!

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  14. यकीं ,,यक़ीनन पूरा होगा !!!
    शुभकामनाएँ!

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  15. वाह अनुजी ...हर पंक्ति कितनी सुन्दर ......हर शब्द यकीन से भरा हुआ...बहुत सुन्दर विश्वास से भरी रचना

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  16. Innocent thoughts-but essential for life.

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  17. जहाँ विश्वास ही परम्परा है , ये यकीन तो इश्वर का रूप है . मानो तो देव नहीं तो पत्थर

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  18. बिलकुल सही कहा आपने मुझे भी यकीन है ..........

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  19. बिलकुल सही कहा आपने .......मुझे भी यकीन है ......

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  20. इन्हीं यक़ीनों पर तो दुनिया टिकी है।

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  21. क्यूंकि यकीन ही तो हिम्मत और अवसर देता है प्यार के...

    बिलकुल सही कहा आपने

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  22. खुद पर यकीन से बेहतर कुछ भी नहीं...!

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  23. आड़ी-तिरछी हाथ में, होती बहुत लकीर।
    कोई है राजा यहाँ, कोई रंक-फकीर।।

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  24. सकरत्मक्ता की पुरज़ोर वर्षा .....सुंदर रचना ...!!
    शुभकामनायें...अनु ...

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  25. मुझे यकीन है हर अच्छे -बुरे इंसान पर 
    जिसे देखा नहीं उस भगवान पर....
    जो मुझे बनने नहीं देता बुरा कभी....
    सुन्दर रचना .....
    आपका 'यकीन ' यूँ ही बना रहे ..

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  26. -क्यूंकि यकीन ही तो हिम्मत और अवसर देता है प्यार के...
    Sach hai... Bahut Sunder Vichar

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  27. जीवन ऐसा ही है कभी हार जाने को नहीं कहता है !
    सुंदर रचना अनु जी,

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  28. सच है जीवन में आशा और यकीन नहीं होगा तो जिंदगी बहुत छोटी हो जायगी ... जीने की प्रेरणा नहीं रहेगी ... लाजवाब रचना ..

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  29. जिसे यक़ीन है इतना
    मुराद पूरी हो उसकी..

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  30. यकीं हो खुद पे और उस खुदा पे , बस दुनिया फिर आपकी है |
    उत्कृष्ट लेखन |

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  31. Very Positive !! Beautiful poem .

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  32. क्यूंकि यकीन ही तो हिम्मत और अवसर देता है प्यार के...
    बहुत सुन्दर विचार...
    सकारात्मक सोच व्यक्त करती
    बेहतरीन रचना...
    :-)

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  33. आपकी कई कवितायेँ पढ़ी. कई तो दिल को छू लेने वाली थी. अब नियमित पढने का बंदोबस्त भी कर लिया. आप यूँ ही सदा लिखती रहें. शुभकामना और शुक्रिया.

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  34. सकारात्मक सोच इसी को कहते हैं। मध्यमवर्गीय इसी के सहारे पूरा जीवन जीता है।

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  35. यकीं ही खुद हिम्मत दे देता है .....

    सकारात्मक सोच की बहुत अच्छी कविता ......

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  36. वाह क्या बात है , अति सुन्दर
    (अरुन शर्मा = arunsblog.in)

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  37. ..so very innocent:) beautifully expressed Anu. ..bhagwaan kare ki aapki har ek muraad poori ho! Amen!

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  38. यकीनन अनु जी ----

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  39. mujhe bhi yakin hai, par bahut baar ye yakin tutta bhi hai:) behatreen!!

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  40. आपके यकीन पर मुझे भी यकीन है...साथ ही यह भी यकीन है कि देर से आने के लिए माफ़ी मिल जाएगीः)नेट की समस्या थी|

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    1. आपका सदा स्वागत है ऋता जी......
      स्नेह बना रहे बस...
      :-)

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  41. बहुत सुन्दर रचना.बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति।

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  42. मुझे यकीन है जगमगाते तारों पर
    जितने हैं आस्मां में,उन सारों पर....
    -कि कोई एक टूटेगा ज़रूर और मुराद पूरी होगी मेरी.

    Wow!!It's AWESUM!! :)

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  43. सुंदर रचना शुभकामनायें...

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  44. अटूट आस्था और अपराजेय विश्वास की कविता है यह । आपकी समर्थ लेखनी से निकली यह रचना मुझे सचमुच बहुत अच्छी लगी। कुछ अच्छी पंक्तियों से होकर गुजरने का अवसर देने के लिए धन्यवाद! - दिनेश

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  45. अटूट आस्था और अपराजेय विश्वास की कविता है यह । आपकी समर्थ लेखनी से निकली यह रचना मुझे सचमुच बहुत अच्छी लगी। कुछ अच्छी पंक्तियों से होकर गुजरने का अवसर देने के लिए धन्यवाद! - दिनेश

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  46. यकीन और विश्वास पर ही तो दुनिया टिकी है ...बहुत खूबसूरत

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  47. बहुत सुन्दर ...यकीन और विश्वास पर तो दुनिया टिकी है .आभार

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  48. achha sunder sakaratmak vichaar..

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  49. यकीनन, यकीन पर दुनिया कायम है और यह यकीन कायम रहे -यह भरोसा कायम रहे ..
    आशा और विश्वास से दमकती एक रचना ..पाजिटिक सोच से दुनिया बदली जा सकती है ..

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  50. बहुत अच्छा लिखा है...यकीनन अच्छा होगा...हौसला रखिये.

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  51. Anulata Raj Nair Jee, Mujhe link bhejna nahi aata. isliye Parul Gupta kee kriti post kar raha hoon. Usne isme tare ke tootne ka dard alag andaz se bayan kiya hai. ummeed hai apko pasand ayega

    दुआ या बददुआ...

    बड़ी दिलकश थी कल क़ि रात...

    चाँद तारो ने अपने नूर से थी सजाई....

    तारा कोई टिमटिमाता कोई जगमगाता आया...

    चांदनी भी चाँद के साथ थी आई....

    क्या गजब आसमा का समा दिख रहा था...

    मखमली तारो क़ि रोशनी में...

    ये मन हजारो ख्वाब बुन रहा था....

    कोई झुण्ड में था आया....

    कोई अकेला घूमता टहलता..

    चांदनी भी थी शरमाई -शरमाई...

    मानो आसमा में सबने मिलकर...

    चाँद क़ि बरात हो सजाई...

    आसमा का नूर सबकी रोशनी से सज रहा था....

    मगर दूर एक तारा एकदम उदास और तनहा दिख रहा था....

    मैंने उस तारे से पुछा...

    क्या हुआ..:-( है क्यू तू इतना उदास और बेक़रार...

    क्या तुझे भी है किसी का इन्तजार...

    भर आई उसकी आवाज ..अश्क आँखों से बह आये....

    तारा बोला....

    ये इंसान इतने जालिम क्यू हैं हो जाते....

    अपनी दुआ पूरी करने के लिए...

    तारे के टूटने क़ि दुआ साथ में क्यू हैं कर जाते....

    कल रात ऐसी ही एक दुआ मेरे लिए बददुआ बन गई...

    मेरी मोहब्बत..किसी क़ि दुआ पूरी करने...

    कल रात आसमा से टूट के गिर गई... :'|

    छोड़ गई मुझे तनहा और अकेला..

    जिंदगी मेरी टुकडो में बिखर गई....

    ए दुनियावालो क्यू तुम ऐसी दुआ करते हो...

    हमारे प्यार को हमसे जुदा करते हो...

    मेरी मोहब्बत को मुझसे जुदा कर दिया...अब मेरी भी जान लो..

    आज अपनी दुआ पूरी करने के लिए ...

    मेरे टूट जाने क़ि दुआ मांग लो..

    दुआ मांग लो...

    ----parul

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  52. यकीन मानिए , भगवान कुछ भी नहीं सिर्फ हमारा यकीन है |
    कोई पत्थर की मूरत पे यकीन करता है तो कोई किसी टोटके पर |

    सादर

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  53. finally sari posts padh li...yupppppp.....:-))
    woww....kya likhte ho mam.....amazing.....such me kaha se itni samajh or himmat le aate ho......
    n really aapki dairy ka har ek page kuch hi nahi bahut kuch kahta hai...:-))

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