इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Wednesday, June 13, 2012

तेरे जाने और आने के बीच....

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हर दिल की तरह मेरा दिल भी ये चाहता था  कि गर उसे मुझसे मोहब्बत नहीं तो किसी और से भी न हो ........वो चला जाए बेशक मुझे छोड़ कर...मगर किसी और के पहलू में नहीं........
जी लूंगी बिना उसके मगर वो न जी पाए मेरे बगैर......
बड़ा स्वार्थी होता है दिल.....या मोहब्बत बना देती है उसे  तंगदिल ???
मगर क्या करें...जब तक कस के न पकडें मोहब्बत ठहरती ही नहीं......और पकड़ पक्की हो तो जाकर भी लौट आती है....
उसके जाने और लौट के आने के बीच न जाने कौन कौन से ख़याल आये और गुज़र गए.....
कुछ ख़याल यूँ ही ठहर गए मेरी डायरी के पन्नों में............

तनहा थी इस कदर
साँसे भी सुन लेती अपनी
      जाने क्यूँ जुदा हुए थे हम
      यूँ अक्सर मिलते-मिलते

पतझड़ आकर ठहर गया
रंग भी फीके पड़ गए
      जीवन बगिया यूँ सूखी
      मुरझायी खिलते-खिलते

थामा हाथ गैरों का
यूँ हुए थे तुम पराये
     ख़ाक हुआ था दिल मेरा
     डाह से जलते-जलते

मोहब्बत मेरी पाते कहाँ
मुझसे दूर जाते  कहाँ
     जानती थी थक जाओगे एक दिन
     तुम  मुझको छलते-छलते

अब कितना सुकून मिला है
तेरे साये को करीब पाकर
           थक गयी थी धूप में मैं
           लड़खड़ाते चलते-चलते...........

-अनु 




44 comments:

  1. बेहद खुबसूरत
    (अरुन =arunsblog.in)

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  2. भावमय करते शब्‍दों का संगम ... बहुत बढिया प्रस्‍तुति ... आभार

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  3. अब कितना सुकून मिला है
    तेरे साये को करीब पाकर
    थक गयी थी धूप में मैं
    लड़खड़ाते चलते-चलते...........


    बहुत सुंदर
    अच्छी रचना

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  4. जी बहुत खुबसूरत...

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  5. दिल को छु लेनेवाले भाव...
    बहुत सुन्दर...
    बेहतरीन रचना...
    :-)

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  6. बेहद खूबसूरत...

    थामा हाथ गैरों का
    यूँ हुए थे तुम पराये
    ख़ाक हुआ था दिल मेरा
    डाह से जलते-जलते

    ः))
    सस्नेह

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  7. तेरे जाने और आने के बीच
    फासला इतना बढ़ गया है,
    चाहकर भी हम दूर हैं
    बस,तू यादों में रच-बस गया है !

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  8. मोहब्बत मेरी पाते कहाँ
    मुझसे दूर जाते कहाँ
    जानती थी थक जाओगे एक दिन
    तुम मुझको छलते-छलते

    ....बहुत सुन्दर भावमयी रचना....

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  9. तस्वीर बहुत कुछ कह रही है ! सुन्दर कविता !

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  10. ant bhala to sab bhala .....ek doosre ke binaa guzaara bhi to nahi

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  11. तस्वीर बहुत कुछ कह रही है ! सुन्दर कविता !

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  12. वाह,,,, बहुत सुंदर प्रस्तुति,,,बेहतरीन रचना,,,,,

    MY RECENT POST,,,,,काव्यान्जलि ...: विचार,,,,

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  13. वाह...बहुत सुंदर भाव....awesome awesome !!

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  14. वाह...
    बहुत खूब!
    अच्छी भावाभिव्यक्ति है।

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  15. कितना दर्द और कितनी गम्भीरता है ...रचना मे ...

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ...
    फोटो लगा दी बहुत अच्छा किया :)...
    सस्नेह शुभकामनायें...

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  16. सुबह का भूला , शाम को घर आया .
    मन भर आया . अति सुन्दर .

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  17. प्रेममयी , भावमयी...

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  18. बहुत सुन्दर भाव संजोए है ...फोटो बहुत सुन्दर है मासूम लग रही हो.....सस्नेह

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  19. उसके जाने और आने के बीच के एहसास बखूबी उकेरे हैं ...

    मोहब्बत मेरी पाते कहाँ
    मुझसे दूर जाते कहाँ
    जानती थी थक जाओगे एक दिन
    तुम मुझको छलते-छलते


    बहुत सुंदर

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  20. सच और सपनो के बीच का फासला ही है उनके जाने और आने के बीच . कभी वो और उनकी तन्हाई बात करती है तो वो कभी हमसे मुखातिब होते है . और हम गुनगुनाते है , ये नजर लौट के फिर आएगी . जारी रखिये स्वप्निल सा सफ़र . आमीन.

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  21. आपकी कविताए एकदम से दिल को छु जाती है

    हिन्दी दुनिया ब्लॉग (नया ब्लॉग)

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  22. वाह ! क्या बात है...

    श्याम है मोहब्बत में इक यही मुकम्मिल सा सवाल,
    जियें तो किस के लिए,मरें किस पर मोहब्बत के सिवा |

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  23. -------एक यक्ष-प्रश्न यह भी है कि महिलाओं की रचनाओं में सदा प्यार-मुहब्बत का भीगा-भीगा समां या दिल-चाहत का रोना-धोना या फिर खाना-रसोई का ही वर्णन क्यों होता है...

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  24. वाह अनुजी ...आपने इस मर्म को जान लिया तो सब कुछ पा लिया ...

    If you love someone... set him free
    If he comes back.....he is yours
    If he doesn't ..he never was !!!!

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  25. तुम किसी और को चाहो .... मुश्किल होगी

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  26. वाह ! क्या बात है.

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  27. भावनाएं ठुकराएँ नहीं जाती....

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  28. बहुत सुंदर एहसास....

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  29. chalo ji dil jalane k baad wapis laut to aaya....magar un pyar me jalne walon se poochho jo kas k pakadne par bhi haath chhuda gaye.

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  30. bahut hi badhiya man ke antardvando ki bhav -bhini abhivyakti
    badhiya prastuti
    aabhaar
    poonam

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  31. मानो,धूप भी किसी छाए की ही तलाश में था!

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  32. भावमयी प्रवाहमयी कविता बहुत अच्छी लगी.

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  33. बेहद खुबसूरत लिखा है..

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  34. ...दिल की बात कहे दिल वाला ---सीढ़ी सी बात न मिर्च मसाला.....यह गीत याद आ गया मुझे.बहुत फ्रेंक रचना.

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  35. जानती थी थक जाओगे एक दिन
    तुम मुझको छलते-छलते
    very true for everyone...

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