इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Wednesday, May 2, 2012

वो आँखें अब भी देखतीं हैं मुझे.......


आँखों की रूमानियत सबकी प्रेम कहानी के किस्से का अहम्  हिस्सा होती है..............क्योंकि जाने अनजाने आँखें ना जाने क्या क्या कह जाती हैं......एक अनकहा रिश्ता बना लेतीं है.......जिसे चाहें एक डोर से बाँध लेती हैं......आँखों से देख सकते हैं हम रूह उसकी......
अब भी यकीं नहीं होता की वो ऑंखें मुंद गयी हैं..........अब भी महसूस होती हैं वो आँखें मुझे ,अपने चार सू.....अपनी डायरी के पन्नों में.......अपनी कविताओं के लफ़्ज़ों में........अपनी यादों के दरीचों में....
ऐसी ही थीं उसकी आँखें........जाने कितने रंग ,कितने एहसास लिए थीं..........शायद समझा  ना सकूं.......या शायद समझा ही लूँ............

उसकी आँखें और वो तारा....
दोनों टिमटिमाते से
मानों पलकें  झपकाते,
मगर तारा बहुत दूर था .....
और उसकी आँखें
एकदम करीब.....
मेरे चेहरे पर टिकी......................

उसकी आँखें और वो झील.....
दोनों गहरे
लबालब भरे हुए,
मगर झील का पानी  मीठा
और उसकी आँखों में था
खारा पानी....................


उसकी आँखें और वो नीला कमल......
दोनों सबसे जुदा
शांत और सात्विक...
कमल शाम ढले बंद हो जाता...
मगर वो आँखें खुली रहतीं,
शायद मेरे इन्तज़ार में.................


उसकी आँखें और वो बच्ची......
दोनों एकदम मासूम...
बोलते-बतियाते से
मगर बच्ची  बहुत खुश
और उसकी आँखें थीं
उदास........

हैरान हूँ, उसकी आँखों को  परिभाषित कर पाना इस कदर नामुमकिन सा क्यूँ है??? 
क्योकि शायद नामुमकिन होता है किसी ख्वाब को,किसी ख़याल को,किसी एहसास को यूँ ही चंद लफ़्ज़ों में बयाँ कर पाना..... 
-अनु

60 comments:

  1. आँखों में पूरी ज़िन्दगी लिखी होती है .... प्यार, दर्द , सहनशीलता , दुआ .... आँखों से नहीं छुपता
    उसकी आँखें और वो झील.....
    दोनों गहरे
    लबालब भरे हुए,
    मगर झील का पानी मीठा
    और उसकी आँखों में था
    खारा पानी..........

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  2. वो कौन थी / था --- यह तो पता नहीं चल रहा । लेकिन बहुत भावपूर्ण , अति सुन्दर रचना है ये ।
    नया प्रयोग बहुत बढ़िया लगा अनु जी ।

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    1. ये डायरी के पन्ने है डॉक्टर साहब.....कुछ मेरी, कुछ उसकी.......ये जाने किसकी डायरी का है....कुछ याद नहीं पड़ता..
      :-)

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    2. नैनो की मत सुनियो रे नैना ठग लेंगे .

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    3. डायरी तो आपकी ही है,पन्ना किसी और का हो सकता है !!

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  3. उसकी आँखें और वो झील.....
    दोनों गहरे
    लबालब भरे हुए,
    मगर झील का पानी मीठा
    और उसकी आँखों में था
    खारा पानी....................वाह: बहुत बढ़िया..अनु..

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  4. आँखों का इतना सुन्दर वर्णन...
    बहुत खूब!

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  5. बहुत सुन्दर analogies दी हैं आपने..
    सुन्दर अभिव्यक्ति,
    सादर

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  6. उसकी आँखें और वो झील.....
    दोनों गहरे
    लबालब भरे हुए,
    मगर झील का पानी मीठा
    और उसकी आँखों में था
    खारा पानी...................
    beautiful ,thoughtful lineswith deep emotions.

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  7. जब उसकी आंखें आपके ही इन्तज़ार में रहती थीं आपके ही चेहरे पर टिकी थीं,फिर आंखों में खारे पानी और उदासी के लिए ज़िम्मेदार कौन?

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    1. आंसुओं की ज़िम्मेदारी आज तक किसी ने ली है क्या?????
      सादर

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  8. गहन ...सुंदर ...रूमानी एहसास ....!!
    बहुत भावपूर्ण रचना ....!!
    शुभकामनायें ....!!

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  9. बहुत खूब ।

    मीठा पानी झील का, देता प्यास बुझाय ।

    खारे अश्रू जो पिए, झलक तनिक दिखलाय ।।

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  10. आँखों की दास्ताँ बयां करना मुश्किल है..
    पर आपने कर दिया है..
    बहुत ही सुन्दर गहरी अभिव्यक्ति.....

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  11. कुछ बातें सिर्फ महसूस की जा सकती हैं , शब्दों में बयां नहीं होती.... बहुत अच्छी लगी आपकी रचना।

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  12. बहुत बढ़िया प्रस्तुति, भाव पुर्ण रूमानी एहसास की सुंदर रचना,.....

    MY RECENT POST.....काव्यान्जलि.....:ऐसे रात गुजारी हमने.....

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  13. उसकी आँखें और वो तारा....
    दोनों टिमटिमाते से
    मानों पलकें झपकाते,
    मगर तारा बहुत दूर था .....
    और उसकी आँखें
    एकदम करीब.....
    मेरे चेहरे पर टिकी......................भावो का सुन्दर समायोजन......

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  14. आँखों और झील की बात पढ़कर वो शेर याद आ गया

    जाती है किसी झील की गहराई कहाँ तक
    आँखों में तेरी डूब कर देखेंगे किसी दिन..

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  15. उसकी आँखें और वो बच्ची......
    दोनों एकदम मासूम...
    बोलते-बतियाते से
    मगर बच्ची बहुत खुश
    और उसकी आँखें थीं
    उदास........
    बहुत भावपूर्ण.

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  16. aankho me hi jeevan ka saar chipa hota hai aankhe sab kuchh bayaan kar deti hain aankhon ke liye liye gaye bimb bahut sundar ban pade hain.bahut sundar rachna.

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  17. गोपाल सिंह नेपाली एक २ पंक्तियाँ याद आई

    दुनिया देखी भी अनदेखी
    नगर ना जाना डगर ना जाना
    साथी भी तो कोई नहीं था
    साथी था आँखों का पानी

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  18. मगर बच्ची बहुत खुश
    और उसकी आँखें थीं
    उदास........

    'वाह' और कुछ नहीं ...

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  19. आँखों को पढ़ना
    आसान नहीं होता,
    इनमें समाया
    पूरा जहान होता है !!

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  20. चेहरा मस्तिष्क का दर्पण है...और आँखें मन का...सारा सच कह देतीं हैं ये आँखे...

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  21. ये आँखें मेरे दिल की जुबान हैं........

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  22. उसकी आँखों को परिभाषित करने का प्रयास ....बहुत भावप्रवण है ... बहुत सुंदर

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  23. Eyes are a powerful medium of communication. Eyes can convey a million different expressions - anger,happiness,melancholy,anxiety,enthusiasm, authority,supplication,sensuality,softness,sympathy,energy,tiredness,weakness,ambition......................

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    1. yeah true...
      but quite a multitasking...
      :-)

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  24. शुक्रवार के मंच पर, लाया प्रस्तुति खींच |
    चर्चा करने के लिए, आजा आँखे मीच ||
    स्वागत है-

    charchamanch.blogspot.com

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    1. शुक्रिया रविकर जी.
      :-)

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  25. कमल शाम ढले बंद हो जाता...
    मगर वो आँखें खुली रहतीं,
    शायद मेरे इन्तज़ार में..........
    बिल्‍कुल जब इन्‍तज़ार हो तो ऐसा ही होता है ..लाजवाब करती प्रस्‍तुति।

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  26. आँखें सब देखती हैं.. आँखों को सब देखते हैं.. लेकिन खुद आँखें अपने को कहाँ देख पाती हैं.. शायद यही कारण है उनका दर्द बयान करने के लिए किसी दूसरे की आँखों की आंच चाहिए!! बहुत खूबसूरती से आपने बयान किया है आँखों की सुंदरता के पीछे का दर्द!!

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  27. उसकी आँखें और वो झील.....
    दोनों गहरे
    लबालब भरे हुए,
    मगर झील का पानी मीठा
    और उसकी आँखों में था
    खारा पानी...........

    आँखों का सच तो यही है ... खारा पानी लिए रहती हैं हमेशा .... पर सच है की करीब भी रहती आहें तारों से ...
    खूबूरत हैं सभी आँखें ...

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  28. bahut sunder bhaav...jisne aakhon ki bhaasha parh li use bahut kuchh samajhna aa gaya...

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  29. आँखों की यादोँ का कारवाँ बहुत मुबारक हो ....


    एक अपील ...सिर्फ एक बार ?

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  30. आपने उन आँखों को बखूबी परिभाषित किया है ....ऐसा की वह ऑंखें और उनकी खासियतें सीधे दिलमें उतर गयीं हैं ....वाह अनुजी

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  31. सूचनार्थ: ब्लॉग4वार्ता के पाठकों के लिए खुशखबरी है कि वार्ता का प्रकाशन नित्य प्रिंट मीडिया में भी किया जा रहा है, जिससे चिट्ठाकारों को अधिक पाठक उपलब्ध हो सकें। 

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  32. Uski kavita main...
    Paribhash aankhon ki..
    Aisi, jaise aankhen..
    Hoti hain...
    Kamal si sulochan,
    jheel si gahri...
    Hirni si chanchal...
    Taaron si chamakti...

    Mano, aankhen khud...
    Boli hon....
    apni kahani...apni jubani..

    Bahut sundar kavita...

    Saadar...

    Deepak Shukla..

    ReplyDelete
  33. Uski kavita main...
    Paribhash aankhon ki..
    Aisi, jaise aankhen..
    Hoti hain...
    Kamal si sulochan,
    jheel si gahri...
    Hirni si chanchal...
    Taaron si chamakti...

    Mano, aankhen khud...
    Boli hon....
    apni kahani...apni jubani..

    Bahut sundar kavita...

    Saadar...

    Deepak Shukla..

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  34. जो नहीं कहती जुबां , आँखें कह जाती है ...
    तभी तो खारेपन में भी मिठास नजर आती है !

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  35. उसकी आँखें और वो बच्ची......
    दोनों एकदम मासूम...
    बोलते-बतियाते से
    मगर बच्ची बहुत खुश
    और उसकी आँखें थीं
    उदास........

    Wah Gahna Bhav...

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  36. Thanx aapne mere blog par aakar samiksha ki aabhar.

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  37. शायद नामुमकिन होता है किसी ख्वाब को,किसी ख़याल को,किसी एहसास को यूँ ही चंद लफ़्ज़ों में बयाँ कर पाना..... kitni badi baat.....itni komalta ke saath......wah.

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  38. हैरान हूँ, उसकी आँखों को परिभाषित कर पाना इस कदर नामुमकिन सा क्यूँ है???
    क्योकि शायद नामुमकिन होता है किसी ख्वाब को,किसी ख़याल को,किसी एहसास को यूँ ही चंद लफ़्ज़ों में बयाँ कर पाना.....
    puri post ka shrey in panktiyon ko jata hai....bahut sundar..anuji

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  39. उसकी आँखें और वो झील.....
    दोनों गहरे
    लबालब भरे हुए,
    मगर झील का पानी मीठा
    और उसकी आँखों में था
    खारा पानी....................

    ....लाज़वाब ! बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ...

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  40. सुन्दर एहसासात की रचना है ,आँखों की सौगात का क्या कहना ,न जाने क्या क्या लिखा जा चुका है -भूल सकता है भला ,कौन वो प्यारी आँखें ,दर्द में डूबी हुई नींद से भारी आँखें ,और यह भी एक अंदाज़ है

    अगर तलाश करोगे ,कोई मिल ही जाएगा मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा .

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  41. क्योकि शायद नामुमकिन होता है किसी ख्वाब को,किसी ख़याल को,किसी एहसास को यूँ ही चंद लफ़्ज़ों में बयाँ कर पाना..... लाजवाव ...बहुत सुन्दर लिखा है

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  42. this is just amazing expression of eyes. I liked it very much anu .
    kudos to your writings .. keep writing more and share .

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  43. nicely expressed di .keep up the good work .

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  44. उम्दा सोच की अद्धभुत अभिव्यक्ति .... !!

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  45. नैनों की भाषा नैना समझ ही लेते हैं :)))

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  46. आँखों ही आँखों में इतनी बातें ........ बहुत ही प्रभावी लगीं .........

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  47. uff uski aankhe.....
    naina bolte hain......:)

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  48. वाह बहुत खूबसूरत भाव.
    निहार

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  49. well expressed expressions in exppression "aanke khud ek dastabej hoti hai...

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  50. ankhein sach may bahut kuch bol jati hai...lafzo ki jaroorat hi nahi padti aur itna accha comparison maine nahi padha abhi tak...aur wo bhi ehsaso say bhara

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  51. वाह बेहद खूबसूरत आँखों में भी लफ्ज़ ब्यान है ,बेहद पसंद आई यह रचना अनु

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