इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Tuesday, February 5, 2013

अनचाहा कोई एक ख़याल......

कितना सोचते हो तुम ? आखिर कितनी मोहब्बतें मुक्कमल मकाम पाती हैं आजकल ? क्यूँ उसका ख़याल अब तक संजो रखा है तुमने? कुछ तो कहो....यूँ घुटते न रहो...मेरा कहा मानो ,भूल जाओ उसे...इक वही तो नहीं इस सारे जहां में??? उसके ख़याल से बाहर निकलो तो क्या पता कोई करीब ही दिख जाए जो तुमसे न जाने कब से इकतरफा इश्क किये जा रहा हो !!!
जानते नहीं ये दुनिया इमोशनल फूल्स से भरी हुई है !

तेरे माथे की
सलवटों पर
करवटें बदलता कोई ख़याल....
जानती हूँ,
मचाता कोलाहल/रात भर सोता नहीं
कंपकपाते होंठ/ कुछ कहते नहीं
आँखें तकती हैं
शून्य में कहीं/बहती नहीं
चेहरे पर घूमता
ख़याल
धीरे से उतर कर
दफ़न हो जाता है 
तेरे दिल में कहीं
और तुझे 
यूँ ही दिए जाता है
बे-करारियाँ ...

 
सुनो!!बुरे ख़याल बड़े ज़िद्दी और ढीठ होते हैं.बिना भाड़ा दिए डटे रहने वाले किरायदारों की तरह....याने दिलो दिमाग तुम्हारा और कब्ज़ा उनका......उनसे थोड़ी सख्ती करो मेरे यार,कि और कोई घर कर पाए  तेरे दिल में.
(मेरी डायरी का एक पन्ना,कभी उसकी सूरत देखते हुए ही लिखा था..........काश कि उसने पढ़ा होता )

अनु

67 comments:

  1. बिलकुल सही बात अनु ......
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति!
    <3

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  2. ये इकतरफा इश्क ...करता रहता है बेकरार ...पुरानी डायरी के पन्नो से कब उतर आता है जेहन में और जमा लेता है अधिकार बिलकुल एक किरायेदार की तरह :):)

    भावमयी प्रस्तुति ....

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  3. कहाँ कहाँ से सारे ख्याल ढूँढ कर लाती हैं...
    पर ख्याल होते जबरदस्त हैं :)
    सस्नेह

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  4. अनचाह कोई ख्याल ...कैसे-कैसे करे सवाल ....
    खुबसूरत ख्याल और सवाल !

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  5. जानते नहीं ये दुनिया इमोशनल फूल्स से भरी हुई है !
    ध्रुव सत्य....
    क्या ख्याल है
    शायद आज मैं प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर पा रही हूँ

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  6. डायरी के पन्नों पे चस्पा है वो ...
    बहुत सुन्दर रचना ..

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  7. वाह वाह ...क्या सवाल क्या ख़याल.

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  8. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति,,,

    जिसके ख्याल में हो गुम,उसको भी कुछ ख्याल है,
    मेरे लिए यही सवाल , सबसे बड़ा ख्याल है ,,,,,,,,,

    RECENT POST बदनसीबी,

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  9. अनचाहा सा ख्याल और बे-करारियां ...बहुत खूब...

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  10. आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (06-02-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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  11. आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (06-02-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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  12. बहुत सुन्दर रचना ..मन के स्पष्ट भाव ....

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  13. जबरदस्त ख्याल हैं :)

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  14. भावमयी प्रस्तुति ...

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  15. @ दुनिया इमोशनल फूल्स से भरी हुई है

    वाकई ...

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  16. जय हो ... बहुत खूब !

    ब्लॉग बुलेटिन: ताकि आपकी गैस न निकले - ब्लॉग बुलेटिन आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  17. बहुत सुन्दर अभीव्यक्ति | उम्मीद है के जिनके लिए ये पन्ना लिखा है वो ज़रूर पढ़ें | आभार

    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  18. वाह .... बहुत खूब लिख्‍खा है आपने ...
    सादर

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  19. बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति ..बेक़रार कर देने वाली पोस्ट ...तेरे माथे की सलवटो पर करवटें बदलता कोई ख्याल ..ये पंक्ति विशेष रूप से बहुत अच्छी लगी .

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  20. भावपूर्ण रचना!
    इमोशनल फूल्स के लिए तो मोस्ट टचिंग!

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  21. भावपूर्ण रचना!
    इमोशनल फूल्स के लिए तो मोस्ट टचिंग!

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  22. धीरे से उतर कर
    दफ़न हो जाता है
    तेरे दिल में कहीं
    और तुझे
    यूँ ही दिए जाता है
    बे-करारियाँ .------bahut khub

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  23. कोई पढ़ता है
    किसी का चेहरा
    खुली आंखों से
    कोई गुम है
    किसी चेहरे में
    बंद आंखों से

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  24. Words are beautiful!!Infact,Amazing!!

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  25. Amazing!!! Bahut Sundar Rachna!!

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  26. . बहुत सुन्दर भावनाएं पिरोई है .

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  27. ...मैं तो ऑफीसियल फूल हूँ :-)

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  28. सही कहा है आपने...
    एकदम रियल लाइफ
    बहुत बढ़ियाँ....
    :-)

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  29. wahh.... Bahut umda... Annu ji
    meri nayi Rachna ..
    http://ehsaasmere.blogspot.in/2013/02/blog-post.html

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  30. खुबसूरत ख्याल और सवाल ,सुन्दर भावनाएं कहीं

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  31. इकतरफ़ा इश्क की बीमारी का इलाज कहाँ

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  32. खयाल कभी सोता नहीं....एक सच्चा एहसास ..बेहद खूबसूरत खयाल

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  33. जिसके लिए ये पंक्तियां हैं, वो खुशनसीब है। हम पढ़नेवालों को वाह ही कहना है बस।

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  34. ये फूल्स ही तो खिले हुए सुन्दर फूल हैं..

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  35. दिलो दिमाग पे छाने वाली रचना ....सुन्दर

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  36. पढ़ा होता तो वो भी कहता -- वाह वाह ! सुन्दर रचना।

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  37. अतुलनीय रचना!

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  38. purani dairy ke kuchh panne pure dil par kaabij hote hain :)
    behtareen....

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  39. बुरे ख्याल ......
    उसने नहीं पढ़ा ... तुमने पढ़ा
    दुआ की , हिदायत दी ..... सच में बुरे ख्याल डेरा ज़माने की कोशिश में सोने नहीं देते

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  40. सुंदर रचना अनुजी। आपकी कविताएं कम शब्दों में गहरे भाव व्यक्त कर देती हैं।।।

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  41. I am in Love with ur Expressions Anu ji.... so close to my heart.... <3 <3

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  42. बहुत ही नाज़ुक और खूबसूरत ख्याल ! बेहतरीन कविता ! शुभकामनाएं !

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  43. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 07-02 -2013 को यहाँ भी है

    ....
    आज की हलचल में .... गलतियों को मान लेना चाहिए ..... संगीता स्वरूप

    .

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  44. ख़याली पुलावों का स्वाद मन को कैसा भरमा देता है!

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  45. भूल तो उसे जाये अनु जी पर दर है कही धड़कन न रुक जाये _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _




    बहुत ही अच्छी अभिव्यक्ति अनु जी ........

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  46. khoobsurat khyalon se saji sundar rachna..

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  47. उफ़ ये एहसास ... ये गहरा ख्याल ... जब तुम ही तुम हो इसमें तो बेकरारियां कहाँ ...

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  48. इमोशनल फूल्स पे इमोशनल अत्याचार

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  49. तेरे माथे की
    सलवटों पर
    करवटें बदलता कोई ख़याल....

    अछूती कल्पना
    अद्भुत प्रतीक !!!!!!!!!!!

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  50. lafzon se bakhoobi khelti hai aap!
    jari rakhiye... :)

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  51. achi- behtar ki asha rakhta hu aap se-*

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  52. वाह!

    कागज़ पे उतरने से
    दिल की बात
    कविता बन जाती है
    अगर वो पढ़ लेते
    तो कहानी तो न बनती

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  53. ख्याल तेरा इस तरह दिल में मचलता रहा.... रात की चादर सारी, सिलवटों से भर गई
    :-)

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  54. This comment has been removed by the author.

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  55. कितने सुन्दर सुन्दर ख्याल
    बुन लेती है हमारी अनु
    काश उसने पढ़ लिया होता :)

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  56. बहुत ही भाव प्रवण. सुन्दर

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  57. "उनके ख्याल में बस हो मेरा ख्याल " ,काश !!!

    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ .....।।।

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  58. बहुत सुन्दर, दिल हरने वाली रचना

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  59. बुरे ख्याल बैक्टीरिया की तरह होते हैं सचमुच इन्हें निकालना दुष्ट किरायेदारों को हटाने से भी कठिन है।

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  60. दिनांक 17 /02/2013 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    -----------
    पत्थर का गुण.....हलचल का रविवारीय विशेषांक.......रचनाकार संगीता स्वरूप जी

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  61. आपके दिल की किताब के इस पन्ने को पढ़ा।
    बहुत नाज़ुक हो चला है।
    संभालकर पलट रहा हूँ .... कहीं टूट न जाए। :)

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  62. आँखें तकती हैं
    शून्य में कहीं/बहती नहीं
    ...अनचाहा सा ख्याल ...मचाता है बवाल ....करता है मलाल ....काश !तुमने पढ़ लिया होता ...खूबसूरत अंदाज़-ए-बयाँ ....दिल से दिल तक ....

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