इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Thursday, March 28, 2013

दुआ (एक और )

वो उदास आँखों वाली लड़की
सुर्ख फूल
सब्ज़ पत्ते
नर्म हवा
रुकी रुकी बारिश
और मिट्टी की सौंधी महक को चाहने वाली,
माहताब से बदन वाली
वो लड़की...
उदास रहती थी
पतझड़ में.
उसे सूखी ज़मीन और नीला आसमान ज़रा नहीं भाते
उसकी आँखों को चूमे बिना ही
चखा है मैंने
कोरों पर जमे नमक को...
एक रात नींद में वो मुस्कुराई
और बादल उसके इश्क में दीवाना हो गया....

यकीन मानों
खिली धूप में
बेमौसम बारिश
यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती....

(न कोई अनमेल ब्याह,न अपवर्तन के नियम....)
नीले आसमान पर
लडकी के लिए मैंने लिखी जो दुआ
वही तो  है ये इन्द्रधनुष...
अनु

(ये रचना कादम्बिनी के अगस्त अंक २०१३ में छपी )

56 comments:

  1. गहरी उदासी के बीच मुस्कुराने का सबब ...
    यही है जीवन ...
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति अनु ...

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  2. इंद्रधनुषी दुआ कबूल हो ... खूबसूरत एहसास

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  3. और वाकई वह दुआ क़ुबूल हो गयी ....इन्द्रधनुष के वे सात रंग ....आज उसकी पहचान बन गए हैं ...:)

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  4. नीले आसमान पर
    लडकी के लिए मैंने लिखी जो दुआ
    वही तो है ये इन्द्रधनुष...

    बेहतरीन सुंदर रचना,,,
    आपको होली की हार्दिक शुभकामनाए,,,


    Recent post: होली की हुडदंग काव्यान्जलि के संग,

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  5. एक रात नींद में वो मुस्कुराई
    और बादल उसके इश्क में दीवाना हो गया....bahut khoob....

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  6. इंद्रधनुषी दुआ..बहुत सुंदर रचना,,, होली की हार्दिक शुभकामनाए,,, अनु ...

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  7. यकीन मानों
    खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ कर

    आपके यकीं
    जीने का है सबब
    आज़मा चुकी !!

    शुभकामनायें !!

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  8. बहुत सुन्दर रचना अनु जी

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  9. हृदयस्पर्शी भावपूर्ण प्रस्तुति.बहुत शानदार भावसंयोजन .आपको बधाई.होली की हार्दिक शुभ कामना .


    ना शिकबा अब रहे कोई ,ना ही दुश्मनी पनपे
    गले अब मिल भी जाओं सब, कि आयी आज होली है

    प्रियतम क्या प्रिय क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं
    हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

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  10. मासूमियत का एहसास भर जाती है रचना ...
    ये इन्द्रधनुष यूं ही रहे आसमां पे ...

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  11. यकीन मानों
    खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती....
    बहुत सुंदर भावपूर्ण अभिव्यक्ति । आपको और आपके पूरे परिवार को रंगों के त्योहार होली की शुभ कामनाएँ

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  12. बहुत सुन्दर...आपको होली की हार्दिक शुभकामनाए!!
    पधारें कैसे खेलूं तुम बिन होली पिया...

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  13. अच्छी रचना, बहुत सुंदर
    होली की शुभकामनाएं

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  14. दूसरों के लिए दुआ करना बड़ी नेमत की चीज़ है...सब अगर दूसरों के लिए दुआ करें तो दुआएं जल्दी फलीभूत होगी...

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  15. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच-1198 पर भी होगी!
    सूचनार्थ...सादर!
    --
    होली तो अब हो ली...! लेकिन शुभकामनाएँ तो बनती ही हैं।
    इसलिए होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  16. ब्लॉग बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सब को सपरिवार होली ही हार्दिक शुभकामनाएँ !
    आज की ब्लॉग बुलेटिन होली के रंग, स्लो नेट और ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  17. देखो देखो वह इंद्रधनुष मुस्काया :)

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  18. नीले आसमान पर लिखी प्यारी सी इन्द्रधनुषी दुआ...बहुत कोमल अहसास...शुभकामनायें

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  19. यकीन मानों
    खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती....bahut khub ....sundar panktiyaan

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  20. wahh bahut hi sundar rachna ... :)
    mera soubhagya hai ki apki rachnayo se rubru hone ka sanyog mila ..:)
    ap yuhi safalta ki uchayiyan mapti chale ..inhi duayo ke sath holi ki hardik subhkamnaye

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  21. लफ़्जों में बहुत ही मखमली भाव हैं, सुंदर शब्द विन्यास, शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  22. इंद्रधनुषी दुआ..बहुत सुंदर रचना,,, होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ... :-)

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  23. उसकी आँखों को चूमे बिना ही
    चखा है मैंने
    कोरों पर जमे नमक को...
    एक रात नींद में वो मुस्कुराई
    और बादल उसके इश्क में दीवाना हो गया....

    ...वाह! क्या बात है!!!


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  24. यकीन मानों
    खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती....
    अदभुत------

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  25. बहुत ही सुंदर .... गहरी अभिव्यक्ति

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  26. कमाल हूं..अभी वंदना जी कि कविता पढ़ी जिसमें उन्होंने कान्हा को उन्हीं के बनाए नियमों में बांध दिया था...यहां आप बता रही हैं कि कुछ भी बेमकसद नहीं होता..सच में कैसे कैसे एक ही समय में दो चीजें मिल जाती है..सिक्के के दो पहलू की तरह

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  27. बहुत सही दुआ दी है ,उम्दा रचना |
    आशा

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  28. दुआ कबूल हुई... इन्द्रधनुष मुस्कुरा रहा. बहुत भावुक कविता, बधाई.

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  29. Hi Anu..Plz get in touch with me at rageshrig@gmail.com
    writing an article on bhopal bloggers..urgent..

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  30. सच में कोई भी शब्द ...उदासी ..मौसम और सपने बेमकसद नहीं होते ...
    बेहतरीन ..

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  31. बेहतरीन



    सादर

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  32. दुआओं की यह बारिश होती रहे .... उदास लड़की के चेहरे को भिगो उसकी बलैया लेती रहे

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  33. Awesome post ...thanks for sharing ..kudos !!!!

    do visit :
    http://swapnilsaundarya.blogspot.in/2013/03/a-cup-of-tea-with-divya.html

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  34. वो उदास आँखों वाली लड़की

    वाह सुंदर पंक्ति है

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  35. दुआ का असर तो होना ही था ...बहुत खूब

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  36. नीले आसमान पर
    लडकी के लिए मैंने लिखी जो दुआ
    वही तो है ये इन्द्रधनुष...
    सुंदर ....

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  37. वाह, कमाल कर दिया आपने

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  38. इन्द्रधनुष...सुन्‍दर।

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  39. दुआ करो कि ये पौधा सदा हरा ही लगे,
    उदासियों में भी चेहरा खिला खिला ही रहे!!
    /
    मेरी तो यही दुआ है अनु, इस कविता के बाद!!

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  40. poignant.. yet full of hopes..
    loved it

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  41. दुआओं का इन्द्रधनुष कविता में उतर आया है !
    मुग्ध कर रही है कविता !

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  42. यकीन मानों
    खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती....बहुत सुंदर अभिव्यक्ति.........

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  43. बहुत ही सुन्दर और मोहक कविता |

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  44. आपकी कलम से जादू निकलता है अनु जी...simply Magical...tocuhed

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  45. अब इन्द्रधनुष दिखा कभी जो, तो आपकी कविता दुआ की तरह याद आएगी!

    बधाई!

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  46. खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती..........सुन्दर ......

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  47. यकीन मानों
    खिली धूप में
    बेमौसम बारिश
    यूँ ही ,बेमकसद नहीं हुआ करती....

    (न कोई अनमेल ब्याह,न अपवर्तन के नियम....)
    नीले आसमान पर
    लडकी के लिए मैंने लिखी जो दुआ
    वही तो है ये इन्द्रधनुष...


    बेहतरीन कविता; बधाई आपको:))
    सादर,
    सारिका मुकेश

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  48. प्रेम को परिभाषा देती कविता
    http://savanxxx.blogspot.in

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