इन्होने पढ़ा है मेरा जीवन...सो अब उसका हिस्सा हैं........

Thursday, January 17, 2013

हर क्षण मन से झरतीं क्षणिकाएं....

(कुछ बिखरे जज्बातों को समेत कर रख दिया है, बस .......)
स्नेह की मृगतृष्णा
मिटती नहीं...
रिश्तों का मायाजाल
कभी सुलझता नहीं.
तो मत रखो कोई रिश्ता मुझसे
मत बुलाओ मुझे किसी नाम से...
प्रेम का होना ही काफी नहीं है क्या ??
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
सबसे है राब्ता
मगर तुम कहाँ हो..
मेरी भटकती हुई निगाह को
कोई ठौर तो मिले...
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
वहम
शंकाएं
तर्क-वितर्क
गलतफहमियाँ
सहमे एहसास......
लगता है मोहब्बत को रिश्ते का नाम मिल गया.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
ऐसा नहीं कि
जन्म नहीं लेती
इच्छाएँ अब मन में
बस उन्हें मार डालना सीख लिया है..
शुक्रिया तुम्हारा.
  ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
न मोहब्बत
न नफरत
न सुकून
न दर्द.........
कमबख्त कोई एहसास तो हो
एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

सर्दियाँ शुरू हुईं
धूप का एक टुकड़ा
उसने मेरे क़दमों पर
रख दिया....
आसान हो गयी जिंदगी.

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
न पलकें भीगीं
न लब थरथराये
न तुम कुछ बोले
न हमने सुना- कुछ अनकहा सा ....
मोहब्बत करने वाले क्या यूँ जुदा होते हैं ????
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

तेरा इश्क
साया था पीपल का
ज़रा से झोंके से
फडफडा गए पत्ते सारे...
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

 जब से दिल मोहब्बत से खाली हुआ......
सुकून ने घर कर लिया.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अनु
 

59 comments:

  1. सुन्दर..उम्दा.. बेहतरीन.. दिलकश..अप्रतिम.. और भी बहुत कुछ

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  2. ....सब कुछ ठीक है आखिरी पंक्तियों के अलावा !
    मोहब्बत से खाली दिल में सुकून ?

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  3. सभी क्षणिकाएं बहुत ही बढ़ियाँ ....ख़ास तौर पर यह तीन
    वहम
    शंकाएं
    तर्क-वितर्क
    गलतफहमियाँ
    सहमे एहसास......
    लगता है मोहब्बत को रिश्ते का नाम मिल गया.

    तेरा इश्क
    साया था पीपल का
    ज़रा से झोंके से
    फडफडा गए पत्ते सारे...

    न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..

    @ संजय भास्कर

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  4. सभी की सभी क्षणिकाएं बेहद लाजवाब हैं हार्दिक बधाई

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  5. न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..
    सब एक से बढ़कर एक ...

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  6. ऐसा नहीं कि
    जन्म नहीं लेती
    इच्छाएँ अब मन में
    बस उन्हें मार डालना सीख लिया है..
    शुक्रिया तुम्हारा............

    अच्छी और सुन्दर रचना !!

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  7. जब से दिल मोहब्बत से खाली हुआ......
    सुकून ने घर कर लिया.

    वाह !!

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  8. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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    Replies
    1. शुक्रिया रविकर जी.

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  9. तेरा इश्क
    साया था पीपल का
    ज़रा से झोंके से
    फडफडा गए पत्ते सारे...waah bahut sundar har kshnika sundar likhi hai

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  10. अलग अलग भाव थे बटोर कर समेट लिया है खूबसूरती से.

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  11. कुशलता से भावनाएं उकेरी है आपने . अत्यंत सुन्दर

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  12. बिखरे जज्बातों को समेट कर बहुत ही खुबसूरती से सजा दिया..बहुत सुन्दर अनु..

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  13. ऐसा नहीं कि
    जन्म नहीं लेती
    इच्छाएँ अब मन में
    बस उन्हें मार डालना सीख लिया है..
    और .............. तर्पण भी कर लूंगी

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  14. न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..

    दिल के जज्बातों की लाजबाब अभिव्यक्ति,,बधाई अनु जी,,,

    recent post: मातृभूमि,

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  15. लाजवाब और बेहतरीन क्षणिकाएँ!


    सादर

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  16. क्षणिकाएँ सुन्दर बन पड़ी है..

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  17. बहुत ही सुन्दर क्षणिकाएं |आभार अनु जी |

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  18. बहुत सुंदर

    सच तो ये है कि ऐसी रचनाएं वाकई कभी कभी ही पढने को मिलती हैं।.

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  19. वहम
    शंकाएं
    तर्क-वितर्क
    गलतफहमियाँ
    सहमे एहसास......
    लगता है मोहब्बत को रिश्ते का नाम मिल गया.

    ...बहुत खूब! सभी क्षणिकाएं बहुत सुन्दर...

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  20. सभी क्षणिकाएं लाजवाब हैं...बधाई अनु जी

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  21. प्रभावित करती क्षणिकाएं

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  22. वहम
    शंकाएं
    तर्क-वितर्क
    गलतफहमियाँ
    सहमे एहसास......
    लगता है मोहब्बत को रिश्ते का नाम मिल गया.

    बस क्षणिकाएं ऐसे ही झरती रहें

    ReplyDelete
  23. न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..

    साड़ी क्षणिकाएं अच्छी लगी...सुन्दर रचना की बधाई अनु जी.

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  24. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    वहम
    शंकाएं
    तर्क-वितर्क
    गलतफहमियाँ
    सहमे एहसास......
    लगता है मोहब्बत को रिश्ते का नाम मिल गया.

    न पलकें भीगीं
    न लब थरथराये
    न तुम कुछ बोले
    न हमने सुना- कुछ अनकहा सा ....
    मोहब्बत करने वाले क्या यूँ जुदा होते हैं ????

    न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..
    ...वाह अनु ....सब कुछ कह दिया .....!!!!

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  25. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 19/01/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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  26. बहुत खूब!
    कितनी हृदयस्पर्शी क्षणिकाएं हैं...
    प्रथम तो नरेन्द्र मोहन जी की 'अटूट रिश्ते' की याद दिला दी.

    -विन्दु

    ReplyDelete
  27. बहुत खूब!
    कितनी हृदयस्पर्शी क्षणिकाएं हैं...
    प्रथम तो नरेन्द्र मोहन जी की 'अटूट रिश्ते' की याद दिला दी.

    -विन्दु

    ReplyDelete
  28. हृदयस्पर्शी क्षणिकाएं .उत्कृष्ट प्रस्तुति

    ReplyDelete
  29. सर्दियाँ शुरू हुईं
    धूप का एक टुकड़ा
    उसने मेरे क़दमों पर
    रख दिया....
    आसान हो गयी जिंदगी.

    सर्दियाँ शुरू हुईं
    धूप का एक टुकड़ा
    उसने मेरे क़दमों पर
    रख दिया....
    आसान हो गयी जिंदगी.

    सभी क्षणिकाएं लाजवाब ....

    ReplyDelete

  30. वहम
    शंकाएं
    तर्क-वितर्क
    गलतफहमियाँ
    सहमे एहसास......
    लगता है मोहब्बत को रिश्ते का नाम मिल गया.

    न पलकें भीगीं
    न लब थरथराये
    न तुम कुछ बोले
    न हमने सुना- कुछ अनकहा सा ....
    मोहब्बत करने वाले क्या यूँ जुदा होते हैं ????

    न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..

    बहुत बहुत बहुत सुन्दर अनु जी ! आपकी क्षणिकाएं प्रतिध्वनि सी लगती हैं दिल की आवाज़ की !

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  31. ... बहुत बहुत बधाई ...
    लाजवाब ...

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  32. ऐसा नहीं कि
    जन्म नहीं लेती
    इच्छाएँ अब मन में
    बस उन्हें मार डालना सीख लिया है..
    शुक्रिया तुम्हारा.
    बहुत ही सुन्दर क्षणिकाएं
    New post कुछ पता नहीं !!! (द्वितीय भाग )
    New post: कुछ पता नहीं !!!

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  33. धन्यवाद अनु ..
    आप तो अच्छा लिखती ही हैं ..
    कलमदान पर पधारने के लिए धन्यवाद
    आप लोगों ने ही प्रोत्साहित किया ..
    आभार

    ReplyDelete
  34. एक से बढ़कर एक

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  35. इश्क मुहब्बत करने वालो कौन बड़ा जग जीत लिया
    इश्क के पहले के दिन सोंचो कौन बड़ा सुख होता था ! - अनाम

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  36. सभी क्षणिकाएं बेहद लाजवाब हैं
    बहुत बढ़ियाँ
    :-)

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  37. वाह ... बहुत ही लाजवाब ...
    अब किसी एक लम्हे का ज़िक्र करना ठीक नहीं ... सभी गहरा एहसास लिए हैं ...

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  38. सभी क्षणिकाएं बेहद लाजवाब हैं
    बहुत बढ़ियाँ
    :-)

    अनु दी कभी अपनी इस छोटी सी पंछी की उड़ान पर भी आईये

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    Gift- Every Second of My life.

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  39. न मोहब्बत
    न नफरत
    न सुकून
    न दर्द.........
    कमबख्त कोई एहसास तो हो
    एक नज़्म के लिखे जाने के लिए..

    लेकिन फिर भी सारी क्षनिकाएं दिल को अंदर तक छूती हैं.

    सुंदर प्रस्तुति.

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  40. आपके ब्लॉग पर आकर बहुत अच्छा लगा।
    उत्कृष्ट रचनाएँ हैं सभी।

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  41. सभी क्षणिकाएँ बेहतरीन, मन से उपजी.
    इसकी बात ही कुछ और है :-
    न पलकें भीगीं
    न लब थरथराये
    न तुम कुछ बोले
    न हमने सुना- कुछ अनकहा सा ....
    मोहब्बत करने वाले क्या यूँ जुदा होते हैं ????

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  42. All are wonderful...I however liked 2,5 and 8 the most:)

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  43. युं तो हर एक क्षणिका बेमिसाल है पर मुझे पहली वाली मेरे दिल के सबसे करीब लगी...
    बहुत ही सुन्दर अनु जी।।।।

    ReplyDelete
  44. एक-एक क्षणिका दिल से निकली...और सेधे दिल में उतार गयी ...अनु !
    <3

    ReplyDelete
  45. एक-एक क्षणिका दिल से निकली...और सीधे दिल में उतार गयी ...अनु !
    <3

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  46. सर्दियाँ शुरू हुईं
    धूप का एक टुकड़ा
    उसने मेरे क़दमों पर
    रख दिया....
    आसान हो गयी जिंदगी

    Awesome :)

    ReplyDelete
  47. न पलकें भीगीं
    न लब थरथराये
    न तुम कुछ बोले
    न हमने सुना- कुछ अनकहा सा ....
    मोहब्बत करने वाले क्या यूँ जुदा होते हैं ????
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    अत्‍यधिक मर्मस्‍पर्शी प्रेममय दर्शन।

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  48. बहुत खूब!
    कभी गुजरिए इधर
    तो मेरे दर भी रूकिए
    कुछ सुनाइए अपनी
    कुछ मेरी सुनिए
    http://voice-brijesh.blogspot.com

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  49. अपनी व्यक्तिगत राय में मुझे तो आपकी क्षणिकाएं ही सबसे ज्यादा पसंद हैं | इस बार भी |
    ब्लॉग पर देरी से आने के लिए माफ़ी चाहता हूँ |

    सादर

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